ज़रा उन्हें भी तो पता चले....
आज जब मौका मिला ही है, तो कह ही लेने दो यार । कि ज़रा उन्हें भी तो पता चले । कि हमने भी मन ही मन चाहा था उन्हें । ये जानते हुए भी की उनके कई आशिक थे, उस कतार में । हमें तो मौका ही नहीं मिलता बस उनकी नज़र का इक छोटा सा कोना पाने के लिए । ज़रा उन्हें भी पता चले कि वो हमने ही नज़रें फेर दी थीं, वरना उस आँच में जलना हमें भी आता था, जिसमें वो आशिकों की कतारें झुलस गई । चलिए एकतरफा ही सही, पर लोगों ने इसे इश्क़ नाम से ही नवाज़ा । और हमने भी इनकार नहीं किया। हाँ बस हम उनसे कह नहीं पाए, वो एक अलग बात थी। फिर एक दिन मिल गयी यूँ ही इत्तेफ़ाक़ से नज़र, अ ब आप भी जानते हैं कि, क हानी वही है, बदला कुछ नहीं है, बातें अब शुरू हो गयी हैं । पर, पर हमसे अब भी कुछ कहा नहीं गया । पर अब जब कह ही रहा हूँ तो, ज़रा उन्हें भी पता चले कि रातों में जाग कर भी खुली आँखों से उनका सपना देखा है हमनें । सुबह उस आधी नींद में भी एक आँख खोलकर सिर्फ उनके ही मैसेज का दीदार किया है । और, और हाँ बात थोड़ी सी पुरानी सी लगेगी पर, रेडियो पर वो हमारा वाला गाना जब बजा है ना? त...




